बिलासपुर की पहचान, इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना और प्रकृति का सुकून—यही है खुटाघाट बाँध!

बिलासपुर की जीवनरेखा: खुटाघाट बाँध बिलासपुर की पहचान, इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना और प्रकृति का सुकून—यही है खुटाघाट बाँध! 1961 में अपनी स्थापना के साथ ही यह बाँध न केवल सिंचाई और पेयजल का मुख्य स्रोत बना, बल्कि आज यह छत्तीसगढ़ की इंजीनियरिंग विरासत का एक गौरवशाली प्रतीक है। खरुन नदी के तट पर फैला यह बाँध मानवीय कौशल और प्रकृति के मेल की एक अद्भुत कहानी कहता है। क्यों है यह खास? इतिहास और आधुनिकता: 60 के दशक की इंजीनियरिंग आज भी उतनी ही मजबूती से खड़ी है। पिकनिक स्पॉट: शहर की भागदौड़ से दूर, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने के लिए सबसे शानदार जगह। सुकून का एहसास: यहाँ की लहरों की मधुर आवाज़ और शांत वातावरण आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा। अगर आप भी प्रकृति प्रेमी हैं और बिलासपुर की इस 'मजबूत रीढ़' को करीब से देखना चाहते हैं, तो खुटाघाट की सैर ज़रूर करें!

जनवरी 9, 2026 - 12:19
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बिलासपुर की पहचान, इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना और प्रकृति का सुकून—यही है खुटाघाट बाँध!