महंगाई राहत पर स्पष्टता न होने से पेंशनरों में असंतोष मध्यप्रदेश से शीघ्र सहमति हेतु पत्राचार की मांग

रायपुर। मुख्यमंत्री द्वारा 11 जनवरी 2026 को राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अधिवेशन में की गई घोषणा के पश्चात छत्तीसगढ़ शासन, वित्त विभाग द्वारा 14 जनवरी 2026 को कर्मचारियों के लिए 3 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने का आदेश जारी किया गया। यह आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावशील किया गया है, जिससे छह माह के एरियर का भुगतान नहीं किया गया और कर्मचारियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। वहीं, राज्य के लगभग डेढ़ लाख पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को महंगाई राहत (डीआर) प्रदान किए जाने के विषय में वित्त विभाग द्वारा मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) के अंतर्गत दोनों राज्यों की सहमति को आवश्यक बताया जा रहा है, जिसके कारण हर बार की तरह इस बार भी डीआर का भुगतान लंबित है। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष श्री वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्यमंत्री की घोषणा को आधी-अधूरी एवं अस्पष्ट बताते हुए कहा कि घोषणा में केवल कर्मचारियों के लिए डीए का उल्लेख किया गया, जबकि पेंशनरों को डीआर देने के संबंध में कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई। इससे प्रदेश के एक लाख से अधिक पेंशनरों में निराशा एवं भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि एरियर भुगतान के संबंध में सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं की गई है। महासंघ से जुड़े नेताओं—श्री वीरेन्द्र नामदेव, श्रीमती द्रौपदी यादव, श्री जे.पी. मिश्रा, श्री अनिल गोल्हानी, श्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी, श्री एन.आर. साहू, श्री आर.के. टंडन, श्री आर.जी. बोहरे, श्री टी.पी. सिंह, श्री बी.एस. दसमेर, श्री ओ.डी. शर्मा, श्री हरेंद्र चंद्राकर, श्री मालिक राम वर्मा, श्री एम.एन. पाठक, श्री आर.के. साहू, श्री अनिल पाठक, श्री शरद काले, श्री आर.के. नारद, श्री नरसिंग राम, श्री बी.एल. यादव, श्री नागेन्द्र सिंह सहित अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पेंशनरों को भी 3 प्रतिशत महंगाई राहत एरियर सहित प्रदान करने की तत्काल घोषणा की जाए तथा मध्यप्रदेश सरकार से सहमति हेतु शीघ्र पत्राचार किया जाए।

जनवरी 15, 2026 - 16:35
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महंगाई राहत पर स्पष्टता न होने से पेंशनरों में असंतोष मध्यप्रदेश से शीघ्र सहमति हेतु पत्राचार की मांग