छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का दो दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन

छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का दो दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन सिम्स आडिटोरियम बिलासपुर में 10 और 11 जनवरी को बिलासपुर में सम्पन्न हुआ। कुल दस सत्र हुए। जिसमें राजनीति, साहित्य और प्रशासन से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित हुए। दोनों दिन, बड़ी संख्या में प्रदेश के सभी जिलों से आये छत्तीसगढ़ी साहित्यधर्मी उपस्थित रहे। सफल, ऐतिहासिक और उपलब्धि पूर्ण आयोजन के लिए मैं छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के सचिव डाॅ अभिलाषा बेहार, उनके समस्त सहयोगी, और आयोजन मंडल से जुड़े बिलासपुर के प्रतिनिधियों को बधाई देता हूँ। इस अवसर पर दूसरे दिन नवम सत्र, विषय"छंद विधा म छत्तीसगढ़ी" को समर्पित था। इस सत्र की अध्यक्षता 'छंद के छ' के संस्थापक वरिष्ठ साहित्यकार गुरु अरुण कुमार निगम ने की। वक्ता थे :श्रीमती आशा देशमुख कोरबा, मनीराम साहू 'मितान' सिमगा, चोवाराम वर्मा 'बादल' बलौदाबाजार, सुखदेव अहिलेश्वर कवर्धा और मैं स्वयं , बलराम चंद्राकर भिलाई-दुर्ग। कार्यक्रम का संचालन जितेन्द्र वर्मा 'खैरझिटिया' कोरबा ने किया।मंच में वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार वर्मा, पद्मलोचन शर्मा मुहफट और आयोग की सचिव डाॅ अभिलाषा बेहार भी विराजमान थीं। सभी वक्ताओं ने तीन-तीन अलग-अलग छंदों के विषय में सार्थक जानकारी दी। मैंने भी सवैया, घनाक्षरी और दोहे के विषय में उदाहरण सहित अपनी बात रखी। गुरुदेव निगम ने छत्तीसगढ़ी भाषा में छंद पर अध्यक्षीय उद्बोधन दी, डाॅ अभिलाषा जी ने छत्तीसगढ़ी भाषा के उन्नयन में छंद के छ परिवार के योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की, साथ ही सत्र के सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और गुलदस्ता भेंट कर मंच से सम्मानित किया।जितेन्द्र खैरझिटिया जी ने सत्र का शानदार संचालन किया। हमें अवसर देने के लिए आयोग का मैं बार बार धन्यवाद करता हूँ ।जय जोहार जय छत्तीसगढ़ ।

जनवरी 12, 2026 - 19:12
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छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का दो दिवसीय प्रांतीय सम्मेलन