अयोध्या धाम से पेंशनरों का राष्ट्रीय हुंकार, अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए देशव्यापी एकजुटता, छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के धारा 49 का मुद्दा के समाधान पर भी चर्चा हुई

रायपुर। रामनगरी अयोध्या धाम की पावन भूमि से पेंशनरों की एकजुट, सशक्त और राष्ट्रीय चेतना से परिपूर्ण आवाज पूरे देश में गूंज उठी। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ का चतुर्थ अखिल भारतीय दो दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन 21 एवं 22 दिसंबर 2025 को प्रेमकुंज गार्डन, देवकाली बाईपास, राष्ट्रीय राजमार्ग–28, अयोध्या धाम (उत्तर प्रदेश) में भव्य, अनुशासित एवं गरिमामय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अधिवेशन में देश के 22 राज्यों से 1000 से अधिक पेंशनर प्रतिनिधियों ने भाग लेकर इसे राष्ट्रीय स्तर का सशक्त और प्रभावशाली मंच बनाया। अधिवेशन में आगामी तीन वर्षों के लिए केरल के वरिष्ठ पेंशनर नेता श्री सी. एच. सुरेश को सर्वसम्मति से निर्विरोध पुनः राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया, वहीं छत्तीसगढ़ से श्री वीरेन्द्र नामदेव (रायपुर) को राष्ट्रीय महामंत्री निर्वाचित किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी. एच. सुरेश द्वारा गठित नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ प्रदेश से सशक्त प्रतिनिधित्व प्रदान किया गया, जिसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के रूप में श्रीमती द्रौपदी यादव (पत्थलगांव, जिला जशपुर) एवं श्री बी. के. वर्मा (दुर्ग), राष्ट्रीय महामंत्री श्री वीरेन्द्र नामदेव (रायपुर), राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री टी. पी. सिंह (भिलाई नगर, जिला दुर्ग), राष्ट्रीय मंत्री श्री आर. एन. ताटी (जगदलपुर, बस्तर) एवं श्री अनिल गोल्हानी (रायपुर) तथा राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य के रूप में श्री परमेश्वर स्वर्णकार (जांजगीर-चांपा), श्रीमती कुन्ती राणा (बिलासपुर), श्री पी. आर. साहू (दुर्ग), श्री एम. एन. पाठक (रायपुर), श्रीमती जयमनी ठाकुर (जगदलपुर, बस्तर), श्री सुरेश चंद्र श्रीवास्तव (कांकेर) एवं श्री बी. एस. दसमेर (रायपुर) को शामिल किया गया। छत्तीसगढ़ राज्य को मिले इस सशक्त प्रतिनिधित्व के लिए भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश ने राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सी. एच. सुरेश के प्रति आभार व्यक्त किया है। दो दिवसीय अधिवेशन के दौरान पेंशनरों से जुड़े ज्वलंत, दीर्घकालिक एवं नीतिगत मुद्दों पर गंभीर, सार्थक और निर्णायक चर्चा हुई। अधिवेशन में केंद्र सरकार द्वारा घोषित महंगाई भत्ता/महंगाई राहत (डीए/डीआर) को सभी राज्यों में समान तिथि एवं समान दर से तत्काल लागू करने, मध्यप्रदेश–छत्तीसगढ़ राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 को समाप्त कर वर्षों से चले आ रहे वित्तीय विवाद का स्थायी समाधान करने, वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराया रियायत की पुनर्बहाली, राजस्थान मॉडल की तर्ज पर मासिक मेडिकल भत्ता एवं कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, पेंशनरों को आयकर से पूर्ण छूट देने जैसे प्रस्ताव प्रमुखता से पारित किए गए। इसके साथ ही पेंशनर के निधन पर न्यूनतम 20,000 रुपये की अंतिम संस्कार सहायता, आठवें वेतन आयोग में सभी पेंशनरों का पूर्व की भांति पेंशन पुनरीक्षण, रेल, बस एवं हवाई सेवाओं में वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा रियायत, कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) की न्यूनतम पेंशन 10,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित करने तथा प्रत्येक चार वर्ष में पेंशनरों के लिए भारत भ्रमण (एलटीसी) सुविधा की बहाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी ठोस प्रस्ताव पारित किए गए। अधिवेशन के प्रथम दिवस 22 राज्यों से आए महासंघ के राज्य अध्यक्षों एवं महामंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में पेंशनरों की स्थिति, समस्याओं, आंदोलनों एवं सरकारी नीतियों पर आधारित विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किए, जिससे राज्यों में पेंशनरों के समक्ष मौजूद चुनौतियों, प्रशासनिक उदासीनता एवं लंबित मांगों की स्पष्ट तस्वीर सामने आई। वक्ताओं ने एक स्वर में पेंशनरों के अधिकारों की रक्षा, सम्मानजनक जीवन, सामाजिक सुरक्षा की गारंटी तथा राष्ट्रीय स्तर पर संगठित, शांतिपूर्ण एवं सशक्त आंदोलन को और अधिक मजबूत करने का आह्वान किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश में महासंघ की गतिविधियों की जानकारी प्रदेश महामंत्री श्री अनिल गोल्हानी ने सदन के समक्ष प्रस्तुत की। अधिवेशन में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई, जिनमें दुर्ग से बी के शर्मा, रायपुर से पूरन सिंह पटेल, आर जी बोहरे, नरसिंग राम, आर के दीक्षित, टी एल चंद्राकर, अनिल पाठक, सुकमा से रामकुमारी नेताम, बस्तर से एस एन सिंह, कांकेर से ओ पी भट्ट, शिवसिंह भदौरिया, बसंतकुमार गुप्ता, हेमंत टाकसाले, बिलासपुर से राकेश जैन, राजेन्द्र कुमार कश्यप, सुषमा नामदेव, नारायणपुर से शंभूनाथ देहारी, रायगढ़ से एम डी नायक, के पी चौधरी, सुहास लांबट, कोरबा से एम एल यादव, सरगुजा से माणिक चंद्र, बालोद से डी आर गजेन्द्र, जांजगीर-चांपा से नैन सिंह एवं साधराम डडसेना सहित अनेक प्रतिनिधि शामिल रहे। अधिवेशन में देश के आर्थिक, सामाजिक एवं नैतिक विकास में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका, अनुभव और योगदान पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। महासंघ ने विश्वास व्यक्त किया कि अयोध्या धाम की पावन भूमि पर आयोजित यह राष्ट्रीय अधिवेशन पेंशनरों के अधिकार, सम्मान एवं सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के समाधान तथा भावी राष्ट्रीय रणनीति के निर्धारण की दिशा में एक ऐतिहासिक और निर्णायक मील का पत्थर सिद्ध होगा। अगली राष्ट्रीय कार्यसमिति बैठक नई दिल्ली में आयोजित करने की जानकारी भी दी गई। अंत में राष्ट्रगान “जन-मन-गण” के सामूहिक गायन के साथ यह ऐतिहासिक राष्ट्रीय अधिवेशन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।

दिसम्बर 23, 2025 - 13:24
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अयोध्या धाम से पेंशनरों का राष्ट्रीय हुंकार, अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए देशव्यापी एकजुटता, छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के  धारा 49 का मुद्दा के समाधान पर भी चर्चा हुई
अयोध्या धाम से पेंशनरों का राष्ट्रीय हुंकार, अधिकार, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के लिए देशव्यापी एकजुटता, छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के  धारा 49 का मुद्दा के समाधान पर भी चर्चा हुई