मन में पिता की यादों का सागर और आंखों में आंसुओं का सैलाब लिए 12वीं की बोर्ड परीक्षा केंद्र पहुंची

महाराष्ट्र के भंडारा जिले से बेहद दुखद खबर सामने आई है, यहां एक ओर घर में पिता का पार्थिव शरीर रखा था और परिवार शोक में डूबा हुआ था, वहीं दूसरी ओर बेटी की 12वीं की बोर्ड परीक्षा थी. जान्हवी के पिता की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. घर में चीख-पुकार मची हुई थी और पिता का पार्थिव शरीर घर में था. लेकिन अगले ही दिन जान्हवी की बारहवीं क्लास का अंग्रेजी का पहला पेपर था. मन में पिता की यादों का सागर और आंखों में आंसुओं का सैलाब लिए जान्हवी को पिता के शब्द याद आ रहे थे. “पढ़ो और बड़ी बनो.” पिता के इसी सपने ने उसे टूटने नहीं दिया. अंततः जान्हवी अपने मामा के बेटे के साथ करीब 8 किलोमीटर की दूरी तय कर परीक्षा केंद्र पहुंची.

फ़रवरी 12, 2026 - 17:03
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मन में पिता की यादों का सागर और आंखों में आंसुओं का सैलाब लिए 12वीं की बोर्ड परीक्षा  केंद्र पहुंची