धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा में पेंशनर्स ने प्राप्त किया आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव, “सत्यमेव जयते” की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत हुए वरिष्ठ पेंशनर्स

रायपुर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला रायपुर के तत्वावधान में बुधवार 18 फरवरी को वरिष्ठ पेंशनर्स साथियों के लिए धार्मिक, पुरातात्विक एवं सामाजिक यात्रा का सफल एवं प्रेरणादायी आयोजन किया गया। इस यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सांस्कृतिक चेतना का अनुभव प्राप्त किया। यात्रा की शुरुआत श्रद्धालुओं द्वारा सोमनाथ शिव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजन से हुई। पेंशनर्स साथियों ने प्रदेश की सुख-समृद्धि तथा पेंशनर्स समाज के कल्याण की कामना की। इसके पश्चात दल दामाखेड़ा कबीर धाम पहुँचा, जहाँ संत कबीर की तपोभूमि में आध्यात्मिक चिंतन किया गया। संत परंपरा के संदेशों—सत्य, समरसता और मानवता—को आत्मसात करने का अवसर प्राप्त हुआ। यात्रा का प्रमुख आकर्षण मनकू द्वीप का भ्रमण रहा। प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण इस स्थल पर स्थित हरिहर क्षेत्र आश्रम में संत श्री रामरूप दास जी से मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। संत ने जीवन के उत्तरार्ध में संयम, सेवा, सकारात्मक चिंतन और समाजहित में सक्रिय रहने का संदेश दिया। संत रामरूप दास जी ने यह भी जानकारी दी कि मनकू द्वीप का नाम मंडूक ऋषि के नाम पर आधारित है। उनके द्वारा रचित ग्रंथों में “सत्यमेव जयते” वाक्य का उल्लेख मिलता है, जो छत्तीसगढ़ की धरा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ है। इस ज्ञानवर्धक जानकारी को सभी पेंशनर्स साथियों ने अत्यंत श्रद्धा और गंभीरता से सुना। यात्रा के अंतिम चरण में दल ने ताला ग्राम में स्थित भगवान शिव के रुद्रावतार के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक स्वरूप के दर्शन किए। वहाँ भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा और प्राचीन स्थापत्य कला का अवलोकन कर सभी ने गौरव की अनुभूति की। इस धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा में सहभागी पेंशनर्स क्रमशः वीरेन्द्र नामदेव, अनिल गोल्हानी, लोचन पांडेय, एम. एन. पाठक, आर. के. टंडन, बी. एस. दसमेर, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, आर. जी. बोहरे, ओ. डी. शर्मा, टी. एल. चंद्राकर, आर. के. नारद, एच. के. चंद्राकर, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, नरसिंग राम, आर. के. दीक्षित, अनिल तिवारी, मालिक राम वर्मा, कौशलेंद्र मिश्रा, राम खिलावन साहू एवं कैलाश राव आदि शामिल रहे । इस यात्रा ने वरिष्ठ नागरिक पेंशनर्स साथियों के बीच आपसी आत्मीयता, संगठनात्मक एकता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया। प्रतिभागियों ने इसे अत्यंत प्रेरणादायी एवं स्मरणीय बताते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश ने सभी सहभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन आगे भी धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय, जागरूक एवं संगठित रखने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

फ़रवरी 19, 2026 - 11:44
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धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा में पेंशनर्स ने प्राप्त किया आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव, “सत्यमेव जयते” की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि से अवगत हुए वरिष्ठ पेंशनर्स
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