आदिवासी संस्कृति को जीवित रखना बहुत जरूरी : राष्ट्रपति मुर्मु

विष्णु देव साय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि राष्ट्रपति महोदया ने अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद इस समारोह में शामिल होकर प्रदेश की गरिमा बढ़ाई है। कुछ दिन पूर्व नक्सल पीड़ित परिवारों से राष्ट्रपति महोदया की भेंट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक पीड़ित से आत्मीयता से हाल-चाल जानकर अपनी ममतामयी छवि प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति की छत्तीसगढ़ पर विशेष कृपा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का इतिहास अत्यंत समृद्ध है और यहाँ के आदिवासी समाज ने देश की स्वतंत्रता में अमूल्य योगदान दिया है। हाल ही में 1 नवम्बर को आयोजित रजत महोत्सव में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी भी उपस्थित रहे और उन्होंने आजादी की लड़ाई से जुड़े आदिवासी महापुरुषों पर आधारित म्यूज़ियम का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री साय ने बताया कि जनजातीय विद्रोह के नायकों की स्मृति को सहेजने हेतु शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह-संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जिसे राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री द्वारा जनता को समर्पित किया गया। यह देश का पहला जनजातीय संग्रहालय है, जिसमें डिजिटल माध्यम से जनजातीय गौरवगाथा को देखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति महोदया के करकमलों से आज जनजातीय विद्रोह के नायकों एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारजनों का सम्मान होना सभी के लिए गौरव का विषय है। साथ ही जनजाति एवं उप-जनजाति प्रमुखों को भी सम्मानित किया गया, जो अपने ज्ञान और अनुभव से समाज को निरंतर जागरूक कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत प्रदेश के 53 विकासखंडों की 2,365 बसाहटों में तीव्र गति से विकास कार्य हो रहे हैं, जिसके लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रपति महोदया द्वारा पुरस्कृत किया गया है। इसी प्रकार, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत राज्य के 32 जिलों के 6,691 गांवों में विकास के कार्यों का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए भी छत्तीसगढ़ को राष्ट्रपति महोदया द्वारा सम्मान प्राप्त हुआ है। जनजातीय समाज के आजीविका से वनोपज का महत्वपूर्ण आधार होने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हितों की के विषय मे बताते हुए कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों की संग्रहण राशि 4,000 रुपये से बढ़ाकर 5,500 रुपये कर दी गई है तथा चरण पादुका वितरण पुनः प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है, और मार्च 2026 तक इसके समूल नष्ट होने के लक्ष्य की ओर प्रदेश तेजी से अग्रसर है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास का उजाला पहुँचा है। आकर्षक पुनर्वास नीति के कारण कई भटके हुए लोग मुख्यधारा से जुड़कर सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और सरकार की विभिन्न योजनाओं से जनजातीय समाज निरंतर लाभान्वित हो रहा है। केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके ने सभी को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी । उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल झारखंड या जनजाति समाज के नायक ही नहीं थे बल्कि पूरे भारतवर्ष के लिए स्वाभिमान, सम्मान, गौरव, गरिमा और सामाजिक न्याय के प्रतीक थे। भगवान बिरसा मुंडा जी ने अपने जीवन का हर क्षण जनहित और स्वतंत्रता के संघर्ष के लिए समर्पित किया। उन्होंने अपने समाज को संगठित किया, उन्हें आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाया। केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा केवल एक योद्धा नहीं बल्कि एक सामाजिक सुधारक एवं आध्यात्मिक गुरु भी थे। उन्होंने समाज को नशा, अंधविश्वास और आपसी भेदभाव से मुक्त करने का आव्हान किया था। भगवान बिरसा मुंडा का जीवन यह सिखाता है कि कोई भी व्यक्ति चाहे उसका जन्म किसी भी समाज में हुआ हो अगर उसके भीतर सच्ची लगन और आत्मबोध है तो वह इतिहास बदल सकता है। उईके ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने हमें सिखाया कि विकास का अर्थ केवल भौतिक प्रगति नहीं बल्कि सांस्कृतिक पहचान और आत्मसम्मान की रक्षा भी है। आजादी के अमृत काल में देश भर के जनजाति समाज के महानायक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, महापुरुषों को चिन्हित करके उन्हें इतिहास में उचित स्थान दिया जा रहा है। जनजाति समाज के महापुरुषों के जन्म स्थलों पर स्मारक बनाए जा रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ियां को गौरव का अनुभव हो सके। इसके साथ ही जनजाति समाज के लोग के पूजा स्थलों को चयनित कर उनका पुनरुत्थान किया जा रहा है, धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत जनजातीय बाहुल्य गांव का विकास किया जा रहा है। जनजातीय समाज के गौरवपूर्ण इतिहास को स्मरण करना, उसे सुरक्षित रखना और भविष्य की दिशा को प्रेरित करना मुख्य उद्देश्यः मंत्री राम विचार नेताम आदिम जाति विकास विभाग मंत्री राम विचार नेताम ने अपने स्वागत उद्बोधन कहा कि आज सरगुजा क्षेत्र और देश का समस्त जनजातीय समाज स्वयं को विशेष रूप से गौरवान्वित महसूस कर रहा है कि राष्ट्रपति महोदया ने अपने आगमन से जनजातीय समाज तथा प्रदेशवासियों के सम्मान में वृद्धि की है। उन्होंने स्मरण कराया कि 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर पूरे देश और प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस मनाया गया। उसी परिप्रेक्ष्य में आज का यह भव्य आयोजन संपन्न हो रहा है, जिसकी गरिमा राष्ट्रपति महोदया की उपस्थिति से कई गुना बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयासों और प्रेरणा से भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती से जनजातीय गौरव दिवस की परंपरा प्रारंभ हुई, और आज उनकी 151वीं जयंती पर देशभर के जनजातीय समाज का पुनः एकत्रित होना

नवंबर 20, 2025 - 21:13
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