रायपुर साहित्य उत्सव में कलेक्टर गौरव सिंह ने डा गंगा शरण पासी की पुस्तक को देखा और पढा, की सराहना, कहा ये मेरे लिए गौरव की बात है...

रायपुर साहित्य उत्सव में डा गंगा शरण पासी जी की पुस्तक का विमोचन किया गया।‌डा गंगा शरण पासी जी शिक्षिका, कवयित्री लेखिका, समाज सुधारक हैं। वह अपने स्कूल में बच्चों को हर गतिविधि पर आगे बढ़ाते आ रही है। लेखिका डा गंगा शरण पासी जी की पुस्तक मेरी आत्मकथा मेरी कहानी मेरी ज़ुबानी में जीवन के अनुभव हैं। उसमें उन्होंने शिक्षा कर्मी नौकरी के समय जब वेतन तीन चार माह बाद मिलते थे,उस समय के संघष को बताया है कि कैसे पैदल चलकर सही समय पर स्कूल पहुंचकर प्रार्थना करवाती थी तथा,खेल, साहित्य, सांस्कृतिक क्षेत्रों में बच्चों को आगे बढाती थी। शिक्षिका डा गंगा शरण पासी जी ने अपनी पुस्तक में समाज के लोगों को यह संदेश दिया हैं कि कभी भी कठिनायों पर हिम्मत नहीं हारना चाहिए बल्कि डट कर मुकाबला करना चाहिए।और आगे बढ़ते रहना चाहिए। शिक्षिका डा गंगा शरण पासी जी कहती हैं कि संघर्ष करने वाले बाजीगर होते जो समाज के लोगों को एक नयी दिशा प्रदान करतें हैं।कराटे खेल को स्कूलों में लाने का श्रेय डा गंगा शरण पासी जी ने किया है, जिससे स्कूल बालिकाएं अपनी आत्मरक्षा का हुनर सीखती है और आत्मनिर्भर बनती है।

जनवरी 25, 2026 - 18:20
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रायपुर साहित्य उत्सव में कलेक्टर गौरव सिंह ने डा गंगा शरण पासी की पुस्तक को देखा और पढा, की सराहना, कहा ये मेरे लिए गौरव की बात है...