सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के परिपालन हेतु हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर करेगा पेंशनर्स महासंघ

रायपुर। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा महंगाई भत्ता (DA) एवं महंगाई राहत (DR) को कर्मचारियों एवं पेंशनरों का वैधानिक अधिकार मानते हुए दिए गए निर्णय के परिपालन में राज्य के पेंशनरों को लंबित महंगाई राहत एरियर सहित भुगतान कराने की मांग को लेकर भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश अब न्यायालय की शरण में जाएगा। महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में दिनांक 06 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को पत्र प्रेषित कर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप महंगाई राहत की एरियर राशि सहित भुगतान करने की मांग की गई थी। किंतु अब तक राज्य शासन द्वारा कोई ठोस आदेश जारी नहीं किए जाने के कारण पेंशनरों में व्यापक असंतोष व्याप्त है। महासंघ ने निर्णय लिया है कि पेंशनरों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा हेतु शीघ्र ही माननीय उच्च न्यायालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में रिट याचिका दायर की जाएगी। याचिका में राज्य शासन को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का पालन करते हुए महंगाई राहत (DR) का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने तथा लंबित एरियर राशि का निर्धारित समय-सीमा में भुगतान करने के निर्देश देने की मांग की जाएगी। प्रांताध्यक्ष श्री नामदेव ने कहा कि महंगाई राहत कोई अनुग्रह नहीं, बल्कि सेवा काल में अर्जित अधिकार है। इसे रोकना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने शासन से अपील की है कि न्यायालयीन प्रक्रिया से पूर्व ही संवेदनशील निर्णय लेते हुए पेंशनरों को उनका बकाया भुगतान किया जाए। महासंघ ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पेंशनर वर्ग अपने अधिकारों की रक्षा हेतु कानूनी एवं लोकतांत्रिक मार्ग अपनाने को बाध्य होगा।

फ़रवरी 17, 2026 - 13:59
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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के परिपालन हेतु हाईकोर्ट बिलासपुर में याचिका दायर करेगा पेंशनर्स महासंघ