एक परमात्मा और विश्व बंधुत्व के प्रचारक,ज्ञान का सागर थे गुरु नानक : प्रदेश महासचिव सिंह

छत्तीसगढ़ प्रादेशिक मानव संसाधन विकास समिति के प्रदेश महासचिव बिरेंदर सिंह ने सभी देश वासियों को कार्तिक पूर्णिमा,देव दीपावली,और अलौकिक संत गुरु नानक के प्रकाश पर्व की हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि गुरु नानक द्वारा प्रदत मंत्र "एक ओंकार सतनाम श्री वाहेगुरु" जिसका अर्थ ईश्वर एक ही है जो निरंकार है,जिसका नाम सच्चा है जिसे उन्होंने गोपाल,राम,अल्लाह, करीम के नाम से पुकारा,वही हम सब के गुरु भी हैं,जो समय आने पर अलग अलग रूप धरकर साकार रूप में भी आते हैं और पूजे जाते हैं।गुरु नानक ने देश और विदेश में कई जगह की धार्मिक यात्रा कर ये निचोड़ निकाला कि सभी आत्माओं के परे वो परमात्मा है,और उसी परम ज्योत नूर से सारा जगत उपजा है,इसलिए जन्म से कोई विशेष ही अच्छा और दूसरा नीच हो,ऐसा नहीं है ,सब समान हैं उस परमात्मा जिनको हम गोपाल कहते हैं ,का सारा संसार महा आरता करता है,ये गगन एक विशाल थाली है,सूरज,चंद्रमा,तारे उस थाली के आरती की लौ और हीरे जवाहरात हैं, बहने वाली हवा चवर है,और चंदन आदि के सुगंधित पेड़ अगरबती है,ऐसे अनंत परमात्मा की कई आँखें और हाथ है जो हमेशा सब देखती और कार्य करती है,ऐसे परमात्मा को बेशक अलग अलग नाम से जाना जाता है पर परमात्मा एक ही है,और हम सब भी उनके बच्चे हैं और इसलिए सब आपस में बंधु हैं,सबका भला हो।श्री सिंह के कहा कि ऐसे पूजनीय संत जिनका जीवन लोगों से मन से आपसी द्वेष मिटा कर संसार में सरल ईश्वर को सरलता के साथ पूजने पाने का मार्ग बताया ऐसे संत को सत सत नमन करता हूं,और और गुरुनानक की इस वाणी को समझ ,नफरत मिटा प्रेम से रहने की अपील श्री सिंह ने सभी से की है।

नवंबर 5, 2025 - 17:31
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एक परमात्मा और विश्व बंधुत्व के प्रचारक,ज्ञान का सागर थे गुरु नानक : प्रदेश महासचिव सिंह