सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और मोदी की गारंटी को संज्ञान में ले छत्तीसगढ़ सरकार — वीरेन्द्र नामदेव

रायपुर, भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में दिए गए ऐतिहासिक निर्णय, जिसमें कर्मचारियों को 100 प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) देने को उनका लोकतांत्रिक और कानूनी अधिकार बताया गया है, के बाद अब किसी भी राज्य सरकार के पास टालमटोल का कोई औचित्य शेष नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट का यह स्पष्ट निर्णय, तथा केंद्र सरकार द्वारा “मोदी की गारंटी” के अंतर्गत कर्मचारियों-पेंशनरों के हितों की रक्षा के बार-बार किए गए वादे, दोनों को संज्ञान में लेते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को तुरंत आदेश जारी कर डीए/डीआर एरियर सहित पूर्ण भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए। वीरेन्द्र नामदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कर्मचारी एवं पेंशनर लंबे समय से महंगाई भत्ता/महंगाई राहत की बकाया राशि के लिए प्रतीक्षारत हैं। लगातार बढ़ती महंगाई में डीए-डीआर कोई अनुग्रह नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकार है, जिसे न्यायालय ने भी स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है। ऐसे में भुगतान में देरी सामाजिक अन्याय के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का लाभ केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवानिवृत्त पेंशनरों को भी डीआर एरियर का समान रूप से लाभ मिलना चाहिए। छत्तीसगढ़ सरकार यदि समय रहते निर्णय नहीं लेती है, तो पेंशनर्स एवं कर्मचारी संगठनों को पुनः आंदोलनात्मक रास्ता अपनाने के लिए विवश होना पड़ेगा। अंत में जारी संयुक्त विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ में छत्तीसगढ़ राज्य के राष्ट्रीय पदाधिकारी भूपेन्द्र कुमार वर्मा दुर्ग, द्रौपदी यादव पत्थलगांव जशपुर, रामनारायण ताटी जगदलपुर, तथा छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा,महामंत्री अनिल गोल्हानी, प्रदेश संगठन मंत्री टी पी सिंह, कोषाध्यक्ष बी एस दसमेर, संभागीय अध्यक्ष प्रवीण कुमार त्रिवेदी रायपुर, राजेश कश्यप बिलासपुर, गुरुचरण सिंह अंबिकापुर, आर एन ताटी जगदलपुर, बी के वर्मा दुर्ग, केंद्रीय सेवानिवृत अधिकारी कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक सुरेश मिश्रा रायपुर,सेवानिवृत दैनिक वेतन भोगी कार्यभारित प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल पाठक रायपुर तथा प्रदेश के विभिन्न जिले के प्रमुख पदाधिकारी अध्यक्ष खोड़स राम कश्यप बलौदाबाजार, आर जी बोहरे रायपुर, आई सी श्रीवास्तव राजनांदगांव, राकेश जैन बिलासपुर, परमेश्वर स्वर्णकार जांजगीर चांपा, रमेश नंदे जशपुर, अभय शंकर गौराहा रायगढ़, देवनारायण साहू सारंगढ़, एम एल यादव कोरबा,ओ पी भट्ट कांकेर, आर डी झाड़ी बीजापुर, एस एन देहारी नारायणपुर, एस के धातोड़े कोंडागांव, रूपकुमार झाड़ी दंतेवाड़ा, शेख कासिमुद्दीन सुकमा, प्रेमचंद गुप्ता वैकुंठपुर, माणिक चंद्र अंबिकापुर, राजेन्द्र पटेल, बलरामपुर, संतोष ठाकुर सूरजपुर, आर ए शर्मा गौरेला पेंड्रा मरवाही, सतीश उपाध्याय मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, हरि प्रसाद मिश्रा सक्ती, भैया लाल परिहार मुंगेली, यवन कुमार डिंडोरे बेमेतरा, रिखीराम साहू महासमुंद , लखन लाल साहू गरियाबंद, रामेंद्र तिवारी मोहला मानपुर अम्बागढ़ चौकी,प्रकाश गुप्ता कबीरधाम, देवदत्त दुबे खैरागढ़ छुईखदान गंडई तथा ओ डी शर्मा रायपुर अश्वनी नायक डोंगरगढ़, अनूपनाथ योगी आरंग आदि ने राज्य सरकार से मांग की कि डीए/डीआर एरियर के भुगतान हेतु तत्काल शासनादेश जारी किया जाए,बकाया राशि का स्पष्ट समय-सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जाए, और सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की भावना के अनुरूप कर्मचारियों व पेंशनरों को राहत दी जाए।

फ़रवरी 6, 2026 - 11:35
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सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और मोदी की गारंटी को संज्ञान में ले छत्तीसगढ़ सरकार — वीरेन्द्र नामदेव